हम सब अपनी-अपनी लड़ाईयाँ लड़ रहे हैं.!

 🔺 हम सब अपनी-अपनी

लड़ाईयाँ लड़ रहे हैं.! 


कोई मोहब्बत में मिल रहे

दर्द से परेशान है तो 

कोई बेरोजगारी की अग्नि मे 

अपनी जवानी जला रहा है, 


कोई घर की पारिवारिक 

कलह से परेशान हैं, 

कोई अपने भविष्य के लिये

लड़ रहा हैं तो कोई

अपनी कमाई से खुश नहीं है 


तो कोई परिवार को खुश नहीं रख

पा रहा,कोई अपने वजूद के लिये

ही लड़ रहा हैं, यहाँ हर कोई कही

न कही परेशान तो है ही, 


कही न कही लड़ाई तो

लड़ ही रहा है 

इसलिये संकट तो है दोस्त 

और असल मे यही 

तो जीवन का संघर्ष है।


लड़ते रहिए, हार ना मानिये

क्योंकि लड़ना ही जीवन है और

रुकना ही मृत्यु। ✍

<< Newer Older >>